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कामुक (Erotic)हिन्दीभारत

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Oct 22, 2026, 7:57 AM
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Apr 6, 2026
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चैनल जानकारी

चैनल जानकारी
चैनल का नामantarvasna
यूज़रनेम@antarvasna6
श्रेणीकामुक (Erotic)
भाषाहिन्दी
देशभारत
सदस्य3,712
चैनल प्रकारपब्लिक चैनल
बनाया गया6 अप्रैल 2026
आखिरी अपडेट22 अक्टू॰ 2026 • 13 घंटे पहले
स्थितिसक्रिय

रैंकिंग

ग्लोबल रैंकिंग
#367831-687
भाषा रैंकिंग
#3047-17
श्रेणी रैंकिंग
#9129-39

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04 मई 2026, 01:34

तब मैंने उनको बहुत किस किए और उसके बूब्स को भी मैंने बहुत देर तक चूसा दबाया, जिसकी वजह से मुझे बहुत मज़ा आया. उस समय जीजा जी मेरी चूत को कुत्ते की रह अपनी गरम जीभ से चाटने लगे. मुझे तो उस दिन जैसे जन्नत मिल गई और 6 इंच के लंड से मेरी चुदाई भी हो गई और फिर में जब तक वहां पर रही और तब तक में हर रात को अपनी दीदी की चूत को चुदते हुए देखती थी और उनकी चूत में अपनी उंगली को भी डाल देती थी जिससे मुझे उनकी चूत अंदर तक गुलाबी के दर्शन हो जाते थे, लेकिन अब मुझे अपने घर भी जाना था, क्योंकि में अपनी दीदी के ससुराल में दो दिन तक रुक गई थी. इसलिए में वापस अपने घर आ गई.

फिर उसके बाद में अब कॉलेज में अपनी चुदाई करवाने के लिए दमदार लड़को की तलाश करने लगी और में बहुत से लड़को को ऐसे ही किस दे देती और उनके लंड को भी कपड़ो के ऊपर से किस कर लेती, तो लगातार कॉलेज जाने के बाद भी मुझे अपनी चुदाई का कोई भी जुगाड़ नहीं मिला. मुझे हर रात को अपनी उँगलियों से ही अपनी चूत को शांत करना पड़ा और एक दिन जब में अपने कॉलेज से घर आई, तो मैंने देखा कि आज मेरे घर पर मेरे सामने मेरे जीजाजी और दीदी बैठी हुई थी.

दोस्तों पहले तो मुझे उनको देखकर विश्वास नहीं हुआ. फिर उनसे बात करने और अपनी दीदी से गले लगने के बाद में समझ गई और में उन दोनों को देखकर बहुत खुश हो गई, क्योंकि एक बार फिर से मुझे आज रात को उनके साथ अपनी चूत को चुदवाने का असली मज़ा आएगा और वो सुख मिलेगा जिसके लिए में तरस रही थी. फिर जब शाम हुई तब जीजाजी और में छत पर आ गए और जीजाजी कुछ देर बाद वहीं पर शुरू हो गए और में भी शुरू हो गई. हम दोनों ने एक दूसरे को किस करना शुरू कर दिए और में साथ में उनका लंड दबा रही थी और वो मेरे बूब्स को दबा रहे थे, लेकिन तभी दीदी भी छत पर आ गई और वो बोली कि तू कभी भी नहीं सुधरेगी.

अब मैंने दीदी को लपककर पकड़ लिया और मैंने उनकी सलवार को ज़बरदस्ती उतार दिया और उनके बूब्स को बहुत जमकर दबाया और चूसा. फिर जीजाजी ने इतनी देर में मेरे कपड़े उतार दिए और उन्होंने अपने लंड को मेरे मुहं में डाल दिया और उन्होंने हल्के हल्के धक्के देकर मेरे मुहं की चुदाई करना शुरू कर दिया. फिर तभी कुछ देर बाद मुझे उल्टी आ गई, क्योंकि मैंने उससे पहले कभी भी किसी के लंड का पानी नहीं पिया था. दोस्तों यह थी मेरी वो सच्ची घटना जिसको में आप लोगों तक पहुँचाने के बारे में बहुत समय से सोच रही थी, लेकिन आज बता ही दिया.
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04 मई 2026, 01:34

दीदी यह बात कहकर हंसती हुई सीधी बाथरूम में चली गई और जीजा जी उनके कमरे से बाहर जाते ही तुरंत मुझे अपनी बाहों जकड़कर किस लेने लगे और वो मेरे बूब्स को भी ज़ोर ज़ोर से दबाने लगे. दोस्तों मुझे उनके ऊपर उनकी ऐसी हरकत की वजह से बहुत गुस्सा आ रहा था, लेकिन में क्या कर सकती थी, क्योंकि उनको मेरी दीदी ने जो हाँ कर दिया था और में भी उस समय पूरी तरह से जवान थी और मेरे अंदर भी सेक्स भड़क रहा था, इसलिए में उनका ज्यादा विरोध नहीं कर रही थी.

अब जीजाजी ने मेरी तरफ से कोई भी विरोध ना देखकर उनकी हिम्मत ज्यादा बढ़ गई और उस बात का उन्होंने फायदा उठाते हुए मेरी टी-शर्ट को उतारना चाहा, लेकिन मैंने मना कर दिया और उनसे कहा कि क्या आपका दिमाग खराब हो गया है, अगर कोई आ गया तो क्या होगा? प्लीज अब आप मुझे छोड़ दो, लेकिन तभी जबरदस्ती उन्होंने मेरी कोई भी बात को ना सुनकर एक ज़ोर का झटका देकर मेरी टी-शर्ट को उतारने की जगह खींचकर फाड़ दिया और ब्रा को भी ज़ोर से पकड़कर खींचकर उसके हुक को तोड़ दिया.

में ऊपर से उनके सामने पूरी नंगी थी और अपने बूब्स को अपने हाथों से छुपाने की कोशिश करने लगी. अब वो जबरदस्ती करते हुए मेरे गोरे गोरे बूब्स को अब कुत्ते की तरह चूसने लगे. वो उन पर टूट पड़े और बिल्कुल पागल हो चुके थे, लेकिन दोस्तों मुझे तो कैसे भी करके अब उनका लंड देखना था, इसलिए मैंने अपनी तरफ से बिल्कुल विरोध को बंद करके उनकी टेंट बनी हुई पेंट को पकड़ लिया और मैंने उनके लंड को बिना देर किए जल्दी से बाहर निकाल लिया. अब जीजाजी और में हम दोनों पूरे नंगे होकर खड़े थे.

मेरे हाथ में उनका तनकर खड़ा हुआ लंड था और उनके मुहं में मेरे एक बूब्स की निप्पल तो दूसरी निप्पल को वो अपने एक हाथ से कसकर निचोड़ रहे थे. हम दोनों उस समय पूरे जोश में थे और हमें बड़े मज़े आ रहे थे, लेकिन तभी अचानक से हमारा मज़ा खराब करने के लिए मेरी दीदी ना जाने कहाँ से आ गई. वो हम दोनों को उस हालत में देखकर बिल्कुल चकित रह गई. फिर उन्होंने मुझे कसकर एक थप्पड़ मार दिया, जिसकी वजह से मेरा सारा सेक्स का नशा उस एक ही थप्पड़ में झट से टूट गया.

में अपने पूरे होश में आ चुकी थी कि में क्या कर रही थी. मुझे वो सब कुछ अच्छी तरह से समझ में आ गया. फिर जीजाजी ने गुस्से में आकर मेरी दीदी को भी एक थप्पड़ मार दिया और वो बोले कि साली रंडी तुझे नहीं पसंद तो तू इसको भी क्यों मना कर रही है? इसको तो मेरे साथ मज़ा लेने दे और इतना कहने के बाद जीजा जी ने मेरी दीदी के कपड़े जबरदस्ती उतारकर अपने खड़े लंड को उन्होंने दीदी की चूत में बहुत बेरहमी से एक जोरदार धक्का देकर अंदर डाल दिया, लेकिन उनका आधा ही लंड दीदी की चूत के अंदर गया था और दीदी दर्द की वजह से बहुत ज़ोर से चिल्ला रही थी. वो दर्द से तड़प रही थी.

फिर यह सब कुछ अपनी आखों के सामने देखकर मेरी चूत से पानी बाहर आ गया. एक तो में पहले से ही बहुत गरम थी और दूसरा मेरी दीदी की चुदाई मेरे सामने होने लगी, जिसकी वजह से में बिल्कुल पागल हो चुकी थी. सब कुछ मेरी समझ से बाहर था कि में क्या करूं? तभी मेरी बैचेनी को मेरे जीजाजी झट से समझ गए और वो मुझे अपनी तरफ खींचकर मेरी चूत में ज़ोर ज़ोर से अपनी दो उँगलियों को डालकर मेरी भी चुदाई करने लगे, जिसकी वजह से मेरी चूत अब कुछ ज्यादा ही व्याकुल हो उठी.

यह कहानी आप Hotsexstory.xyz में पढ़ रहे।
में वो सब किसी भी शब्दों में लिखकर आप लोगों को नहीं बता सकती कि में उस समय कैसा और क्या महसूस कर रही थी. अब मैंने समय को देखते हुए तुरंत अपनी दीदी से आग्रह किया कि प्लीज दीदी मेरे भी अंदर डालने दो ना और दीदी उस समय अपनी चुदाई होने के साथ साथ रो रही थी.

फिर जीजा ने मुझे पकड़ा और वो मुझे नीचे लेटाकर मेरे दोनों पैरों को ऊपर उठाकर उन्होंने दीदी की चूत से खींचकर अपना लंड बाहर किया और अब वो धीरे से अपने लंड को मेरी चूत में डालने लगे. में बिना हलचल किए उनके सामने पड़ी रही और वो मेरी चूत पर अपने लंड का हल्का हल्का दबाव बनाते हुए लंड को अंदर करने लगे.

दोस्तों सिर्फ़ उनके लंड का टोपा ही मेरी चूत के अंदर गया था, लेकिन उसकी वजह से ही मुझे बहुत दर्द हो रहा था. में उस असहनीए दर्द से तड़पने लगी और सिसकियाँ ले रही थी आईईईईइ माँ में मर गई उफ्फ्फ्फफ्फ प्लीज थोड़ा धीरे करो मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन मेरे बेरहम जीजा ने कुछ भी ना सुनते हुए अपना लंड मेरी चूत के अंदर पूरा डाल ही दिया. वो अब जमकर धक्के देकर मेरी चुदाई करने लगे और तब जीजाजी, में और दीदी सब नंगे पूरी रात तक बारी बारी से मज़े ले रहे थे और अब तो दीदी की बारी थी.
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04 मई 2026, 01:34

दीदी के साथ जीजू ने मुझे भी ठोका –

Didi ke saath jiju ne mujhe bhi thoka
हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम श्रेया है और में आज आप सभी को अपने जीवन का एक सच और उससे जुड़ी एक सच्ची घटना सुनाने जा रही हूँ जिसने मेरे पूरे जीवन को बिल्कुल बदलकर रख दिया.

दोस्तों मेरी चुदाई होने से पहले मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मेरी चुदाई कौन करेगा? और फिर मेरी पहली चुदाई खत्म होने के बाद में सारी बातें सोचने लगी कि मैंने यह सब क्या किया?

दोस्तों मेरे फिगर का आकार 32-25-35 है और हर एक लड़की का सेक्सी होने का मन होता है, वो मन ही मन चाहती है कि हर किसी को वो अपनी तरफ अपना सेक्सी बदन दिखाकर आकर्षित कर ले और उसको अपना बनाने का मन होता है, ठीक वैसा ही मेरा भी मन था. में अपनी कॉलेज की दोस्तों के साथ रहकर सेक्स के बारे में बहुत सारी बातें समझ गई थी, लेकिन उस समय मेरी उम्र भी कुछ ज़्यादा नहीं थी.

में उस समय सिर्फ 19 साल की थी और में 18 साल की उम्र से ही अपनी चुदाई करवाना चाहती थी. मेरी चूत के अंदर चुदाई करवाने की इच्छा और कुछ अजीब सा महसूस होने लगा था, लेकिन मुझे ऐसा कोई मिला नहीं मिला जिसका फायदा उठाकर में अपनी चूत की चुदाई करवाकर उसको शांत करूं और वो मज़े लूँ, लेकिन अभी कुछ दिन पहले मेरे साथ एक ऐसी घटना हुई जिससे मेरी पूरी जिंदगी बदल गई और अब आप सभी का ज़्यादा समय ना लेते हुए में सीधा उस कहानी पर आती हूँ और बताती हूँ कि मेरी चुदाई का वो सपना कैसे सच हुआ, मुझे कैसे लंड और किसका लंड मिला?

दोस्तों वो मेरी दीदी की शादी का दिन था और हमारे पूरे घर में ख़ुशी का माहोल था में भी बहुत खुश थी और फिर वो पल आ ही गया. मेरी दीदी की उस दिन शादी हो गई और विदाई के समय मेरी दीदी बहुत ज़ोर ज़ोर से रो रही थी.

वैसे तो घर के सभी सदस्य दुखी थे और उनके साथ साथ में भी रो रही थी. तभी कुछ देर बाद मुझसे मेरी मम्मी ने कहा कि तुम भी अपनी दीदी के साथ चली जाओ कुछ दिन रुकने के बाद हम लोग तुम दोनों के लेने आ जाएगें और तुम्हारे साथ रहने से इसका भी मन लगा रहेगा और फिर मैंने अपनी मम्मी को वो बात सुनकर बहुत खुश होकर जाने के लिए तुरंत हाँ कह दिया और जब में दीदी के ससुराल आई तो मुझे वहां पर बहुत मज़ा आया.

वहां पर सभी का व्यहवार बहुत अच्छा था और वो लोग बहुत प्यार से हंस हंसकर मुझसे बातें कर रहे थे. दोस्तों वो दिन तो ऐसे ही मज़े मस्ती में गुजर गया और उस रात को मेरी दीदी की सुहागरात थी. वैसे मुझे तो पहले से ही पता था कि आज दीदी की जमकर चुदाई होगी और उनकी चूत की सील भी जरुर टूटेगी और आज मेरी दीदी को ठीक तरह से पता चलेगा कि लंड क्या होता है और लोलीपॉप किसे कहते है?

उस रात को में अपनी दीदी की चुदाई के बारे में सोचकर बहुत ज्यादा जोश में आकर में खुद अपनी चूत में उंगली करके अपनी चूत को शांत करके थककर ना जाने कब सो गई और जब में दूसरे दिन सुबह उठी तो में सीधी बाथरूम में जाने के बाद सीधी दीदी के रूम में चली गई. मुझे पता चल गया कि कल रात की चुदाई से मेरी दीदी की चूत की सील टूट चुकी थी.

उस समय मेरे जीजा जी कमरे में नहीं थे इसलिए में अपनी दीदी से पूछने लगी कि कल रात को उनके साथ क्या क्या हुआ? तो उन्होंने थोड़ा सा शरमाकर मुझसे बोला कि तेरे जीजा जी का बहुत मोटा है और उन्होंने मुझे बहुत बुरी तरह से जमकर चोदा और अपनी तरफ से चुदाई में कोई भी कमी नहीं आने दी. वैसे उनको यह काम करना बहुत अच्छे से आता है और मुझे उनका हर एक तरीका बड़ा अच्छा लगा. उनमे बहुत जोश भी है. दोस्तों अपनी दीदी की बातें सुनकर मुझे तो अब वो सभी बातें पूरी विस्तार से जानने की इच्छा हो रही थी और में वो बातें सुनकर जोश में आ गई और बड़ी उत्सुक भी थी, क्योंकि में अब तक वर्जिन थी और मैंने किसी लंड का मज़ा नहीं लिया था.

में बस जब भी मुझे याद आती अपनी ऊँगली को डालकर चूत को शांत कर लिया करती, लेकिन तभी मेरे जीजा जी भी कमरे में आ गये और वो अब मुझसे पूछने लगे कि क्या हो रहा है तुम कैसी हो और तुम्हे रात को नींद तो ठीक तरह से आई, क्या यहाँ पर कोई परेशानी तो नहीं है ना? तो मैंने उनको कहा कि सब कुछ ठीक है और में यहाँ पर बहुत खुश हूँ और आपके रहते हुए मुझे कैसी परेशानी मेरे साथ आप हो ना और में उनकी तरफ मुस्कुराने लगी.

अब मेरी दीदी हम दोनों से कहकर उठकर बाथरूम में जाने लगी और तभी मेरे जीजा जी ने तुरंत उनका हाथ पकड़कर लिया और उठकर उनको किस किया और वो मेरे ही सामने दीदी के बूब्स को ज़ोर से दबाने सहलाने लगे, लेकिन दीदी उनसे कुछ नहीं बोली. फिर जीजाजी दीदी से पूछने लगे कि क्या में तुम्हारी बहन से किस ले लूँ? दीदी बोली कि में इसमें क्या कहूँ आप और आपकी साली जानो.
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01 मई 2026, 21:08

में खुले आम अपने आशिक के साथ मोटर साईकिल पर घूम रही है और मटरगस्ती मार रही है। अपने घर वालों की इज्जत को साली हरामजादी चौराहे पर नीलाम कर रही है……”बड़े भैया बोले और उन्होंने मेरे गाल पर तमाचा मार मार कर मेरा मुंह लाल कर दिया।फिर मुझे अपनी कार में खीच लिया और घर ले आये। घर आकर मेरी माँ और पापा सबसे मुझे लात, मुके, घुसे, थपड से मारा। “बड़ी जवानी की गर्मी है तेरे में…..आज तेरी सारी गर्मी मैं दूर कर दूंगा!!” बड़े भैया बोले और मुझे कमरे में ले गये। उनका दोस्त प्रभाकर भी कमरे में आ गया। दोनों अपने अपने कपड़े निकाल गये। मैं उनका इशारा समझ गयी थी। मेरे बड़े भैया ही मुझे चोदने वाले थे और उनका दोस्त प्रभाकर भी मुझे चोदने वाला था।“नही भैया नही !!…ऐसा मत करो!!” मैंने रोने लगी और उनके पाँव पकड़ने लगी.“साली रंडी……तुझे कितनी बार हम लोगो से समझाया की उस चमार के लौंडे से मत मिलना…पर तू उसके साथ पुरे बलिया में मजे से मोटर साईंकिल पर घुमती है और मजे से उसके हॉस्टल पर जाकर चुदवाती है……..बड़ा इश्क का भूत चढ़ा है तुझ पर??”….आज मैं और प्रभाकर तुझे चोद चोदकर तेरा सारा इश्क का भूत उतार देंगे!!” बड़े भैया बोले.उसके बाद भैया और प्रभाकर ने मेरा सलवार सूट फाड़ दिया और मेरी ब्रा और चड्ढी भी फाड़ दी और मुझे बिस्तर पर पटक दिया। बड़े भैया मेरे उपर लेट गये और मेरे दूध पीने लगे। मैं रो रही थी, चीख रही थी…प्लीस भैया मुझे मत चोदो…..मत चोदो…मैं चिल्ला रही थी, पर कोई मेरी सुनने वाला नही था।बड़े भैया आज मेरा रेप करने वाले थे , मुझे वो कसकर चोदने वाले थे, इतना की फिर मैं कभी अपने बॉयफ्रेंड मंजेश से ना मिलूं। वो मेरे रसीले दूध पीने लगे और मजा मारने लगे। कुछ देर बाद मेरे सगे भाई ने ही मेरी रसीली चूत में लंड डाल दिया और मुझे चोदने लगा। प्रभाकर भी पूरी तरह से नंगा हो गया और वो मेरे सर ही तरफ आ गया। उसने अपना लौड़ा मेरे मुंह में जबरदस्ती पेल दिया और लंड चुस्वाने लगा।“चूस रांड…..चूस…..अपने आशिक का लौड़ा तो खूब चूस चूसकर चुदवाती है….तो अब मेरा भी चूस!!” प्रभाकर बोला.इसे भी पढ़े – वासना से भरी चाची मेरे साथ सोने को तैयार हुईउधर नीचे ने मेरे बड़े भैया मुझे अपना मोटा लौड़ा डालकर कस कसकर चोद रहे थे। मैं रो रही थी, चीख रही थी, चिल्ला रही थी और मोटे मोटे आंशू बहा रही थी। पर कोई मेरी नही सुन रहा था। मेरी माँ भी पूरी तरह से मेरे खिलाफ हो चुकी थी। पापा भी खिलाफ थे। बड़े भैया के दोस्त प्रभाकर से जबरन मेरे मुंह में अपना लौड़ा डाल दिया और जबरदस्ती चुस्वाने लगा। भैया मुझे कस कसके पक पक करके पेल रहे थे। आज अपने ही सगे भाई और उनके दोस्त से मैं चुद रही थी। भैया का लौड़ा तो कोई 9” का था और मेरे आशिक, मेरे बॉयफ्रेंड के लौड़े से भी जादा मोटा था।मेरी चूत की तो जान ही निकली जा रही थी। बड़े भैया ने मुझे डेढ़ घंटे तक चोदा और मेरी बुर फाड़ के रख दी। फिर मेरी बुर में ही अपना माल गिरा दिया। बड़े भैया हटे तो प्रभाकर आ गया। उसने मुझे घोड़ी बना दिया और मेरे चिकने चुतड वो मजे से चाटने लगा। फिर उसने मेरी गांड में लंड डाल दिया और पुरे २ घंटे मेरी गांड मारी। कुछ दिनों बाद मेरे बड़े भैया ने मेरी दिल्ली में जबरदस्ती शादी कर दी। अब मेरा पति मुझे रोज पक पक करके पेलता खाता है।ये Rasili Bur Chudai की कहानी आपको पसंद आई तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे…………….
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01 मई 2026, 21:08

थी, इसलिए मैंने अपने दोनों पैर खोल दिए। मेरी रसीली बुर मंजेश के सामने थी। वो जीभ लगाकर मेरी चूत को पुरे जोश खरोश से पी रहा था। धीरे धीरे मैं भी मस्ताने लगी।ओह्ह्ह्ह माँ… अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह…. उ उ उ…चूसो चूसो…..और चूसो…मेरी चूत को” मैं कहने लगी।मंजेश जीभ गड़ा गड़ाकर मेरी चूत की घाटी को चूस रहा था और मजे लेकर पी रहा था। फिर उसने अपनी २ ऊँगली मेरी बुर में डाल दी और जोर जोर से फेटने लगा। “अई…अई….अई……अई, इसस्स्स्स्स्स्स्स् उहह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्ह” मैं जोर जोर से चिल्लाने लगी।मंजेश और मस्ती में तेज तेज मेरी बुर फेट रहा था। मैं अपना पेट और कमर उठाने लगी। कुछ देर बाद मेरे बॉयफ्रेंड मंजेश ने अपना अपना ७” मोटा लौड़ा मेरे भोसड़े में डाल दिया और मुझे चोदने लगा। वो मुझे बाहों में भरकर मेरे नंगे जिस्म की खुशबू ले लेकर मुझे चोद रहा था।अपनी रसीली चूत में मैं मंजेश के मोटे लौड़े को गहराई तब महसूस कर रही थी। कुछ देर में उसने तेज रफ्तार पकड़ ली और मुझे तेज तेज चोदने लगा। उसकी कमर और पिछवाड़ा तेज तेज नाच रहे थे और मुझे चोद रहे थे। वो मेरे ओंठो को खा लेना चाहता था, मेरी सांसे मंजेश की सांसों में उलझ गयी थी।ओह्ह्ह्हह …आआआआ..ह्ह्ह्हह…आज मुझे कितनी तृप्ति मिल रही थी। कितना मजा और सुख मिल रहा था चुदवाने में…..मैं आपको बता नही सकती। मंजेश फट फट मेरी गर्म चूत में अपने मोटे लौड़े से धक्के मार रहा था, मेरी चूत की धज्जियाँ उड़ा रहा था और मेरी चूत की खुजली दूर कर रहा था।मैंने मंजेश की पीठ को दोनों हाथों से कसकर पकड़ लिया था। फिर वो मेरे आम दबाते दबाते मुझे चोदने लगा। वो मुंह लगाकर मेरे आम चूस भी रहा था। और बिना रुके मेरी चूत में लौड़ा डाल रहा था। अब मुझे पेलवाते हुए आधे घंटे हो चुके थे, पर अभी भी मंजेश आउट नही हुआ था।मेरी चूत की दीवाल अपना रसीला माल छोड़ रही थी, इसलिए मेरी योनी अब बहुत चिकनी हो गयी थी। मंजेश का लौड़ा बड़ी आराम से मेरी बुर में फिसल रहा था और स्केटिंग कर रहा था। वो मुझे हचक हचक कर पेल रहा था जैसे कोई चुदासा कुत्ता किसी चुदासी कुतिया को चोदता है, बिलकुल उसी स्टाइल में मंजेश मेरी बुर फाड़ रहा था।चुदते चुदते तो मेरी आग में जैसी आग ही जलने लगी थी। मुझे इतना मजा मिल रहा था, जैसे मैंने कोई ड्रग्स ले ली हो। मेरा एक एक रोंगटा मंजेश की चुदाई से खड़ा हो गया था। पूरी चूत और गांड में फुरफुरी उड़ने लगी थी। मेरा बॉयफ्रेंड मंजेश मुझे किसी रंडी की तरह चोद रहा था।इसे भी पढ़े – अमीर औरत की धधकती चूत को शांत कियामैं ……मम्मी…मम्मी….सी सी सी सी.. हा हा हा . ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” करके चिल्ला रही थी और मजे से चुदवा रही थी। प्लीसससससस……..प्लीससससस…….उ उ उ….मुझेझेझेझेझे…कसकर चोद दोदोदोदोदो…” मैं जोर जोर किसी प्यासी रंडी की तरह चिल्लाने लगी तो मंजेश ने मेरा दांया पैर उठा पर अपने नंगे कंधे पर रख लिया।और इतनी जोर जोर से मुझे चोदने लगा की मेरी आँखों के सामने अँधेरा छाने लगा। फिर मंजेश ने अपना माल मेरे लाल भोसड़े में ही छोड़ दिया। कुछ देर बाद उसने मेरी गांड मारी। फिर हम दोनों ने अपने अपने कपड़े पहन लिये। मंजेश ने मुझे अपनी मोटर साईंकिल से मेरे घर छोड़ दिया।अब मैं मंजेश से चुपके चुपके बाहर बाहर ही मिलती थी और चुदवा लिया करती थी और गांड मरवा लिया करती थी। मेरे घर वालों को ये नही पता था, वरना वो लोग मुझे जान से मार देते। मेरा पापा, मम्मी, और बड़े भैया सब के सब बड़े खूंखार और कट्टर आदमी थे।एक तो ये लोग प्यार व्यार को गलत मानते थे और उपर से मेरा बॉयफ्रेंड एक छोटी जाति का लड़का था। इसलिए तो मेरे घर वाले मेरे और भी जादा खिलाफ हो गये थे। इसलिए मैं अब मंजेश से चुप चुपके बाहर ही मिला करती थी। एक दिन मेरे बड़े भैया किसी काम से प्रयागराज चले गये।मैंने सोचा की ये अच्छा मौका है अपने बॉयफ्रेंड मंजेश से मिलने का। मैं रोज किसी न किसी बहाने से घर के बाहर चली जाती और बजार में या किसी सिनेमाहाल में मंजेश से मिलने चली जाती। जिस दिन मेरे बड़े भैया प्रयागराज से बलिया लौते बाजार में ही उन्होंने मुझे मंजेश के साथ मोटरसाइकिल में घूमते देख दिया।बड़े भैया से अपने एक दोस्त प्रभाकर को बुला लिया। मैं मंजेश के साथ मोटर साइकिल पर जा रही थी की बड़े भैया ने अपनी कार से हम दोनों का पीछा किया। उनका दोस्त प्रभाकर उनके साथ था। फिर भैया से अपनी कार तेज दौड़ाकर मंजेश की मोटरसाइकिल के सामने ही लगा दी और हमारा रास्ता रोक दिया।प्रभाकर और बड़े भैया से मेरे आशिक मंजेश को मोटरसाइकिल से खीच लिया और हाकी और डंडो ने मारना शुरू कर दिया। उन्होंने मंजेश को १ घंटे तक लाठी, डंडों, और हाकी से मारा और उसका सिर, मुंह फोड़ दिया। इतना ही नही मंजेश के पैर में बहुत चोट लगी और उसका बाया पैर भी टूट गया। बड़े भैया ने मुझे मेरी चोटी से पकड़ लिया।“क्यूँ….छिनाल…..सच सच बता अपने आशिक से कितनी बार चुदवा चुकी है?? पुरे बलिया
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01 मई 2026, 21:08

शीर्षक: Rasili Bur Chudai - बॉयफ्रेंड के साथ घूमते पकड़ लिया भैया ने

Rasili Bur Chudaiमेरा नाम माध्वी मैं बलिया की रहने वाली हूँ। मैं इस समय २३ साल की हूँ, मेरी पढाई पूरी हो चुकी थी और मैं मंजेश (मेरे बॉयफ्रेंड) से बहुत प्यार करती थी। जहाँ मैंने ठाकुर जाति से थी, वही मंजेश छोटी जाति से था। वो अनुसूचित जाति में आता था और जात से चमार था। Rasili Bur Chudaiमैं मंजेश से कई बार चुदवा चुकी थी। मेरी उससे मुलाकात कॉलेज में ही हुई थी। वहीँ मेरी उससे मुलाक़ात हुई और फिर प्यार हो गया। हम घर से बाहर मिलते रहे। मंजेश मुझसे बहुत प्यार करता था जब भी मैं उससे मिलने जाती थी, वो खूब मेरे ओंठ चूसता था, और मेरे बूब्स दबा दबाकर मुझे खूब मजा देता था।फिर वो मुझे अपने हॉस्टल पर, या किसी दोस्त के कमरे पर ले जाकर खूब चोदता था। मंजेश का लौड़ा बहुत बड़ा था और पूरा ७ इंच का था। मैं नंगी होकर उसका लौड़ा सारी सारी रात चूसती रहती थी और अपने बॉयफ्रेंड से रात रात भर चुदवाती थी।मेरी चूत तो मंजेश ने पी पीकर और चूस चूस कर गीली कर दी थी। मेरी रसीली बुर में मंजेश ने अपना लौड़ा इतनी बार डाला था की मेरी चूत पूरी तरह से फट चुकी थी। मंजेश से बार बार चुदवाने के बाद मुझे उससे और जादा प्यार हो गया और हम दोनों शादी करके घर बसाने के बारे में सोचने लगे।मंजेश ने अपने घर वालो को मेरे बारे में बता दिया था, अब मुझे हिम्मत करके किसी तरह अपने भैया को इस बारे में बताना था, उपर से मेरे पापा और भैया बहुत ही खतरनाक आदमी थे, वो प्यार व्यार को बहुत गलत और बुरा मानते थे।इसे भी पढ़े – अपनी प्यासी चूत के लिए जवान लंड खोज लिया“भैया मैं मंजेश से प्यार करती हूँ और उससे ही शादी करना चाहती हूँ!!” मैंने एक दिन हिम्मत करके कह दिया.“क्या….माध्वी?? तेरा दिमाग तो ठीक है की नही। तुझे पता नही की हम लोग प्यार व्यार को बुरी चीज मानते है!!” बड़े भैया गुर्राकर चिल्लाकर बोले.“किस जात का है वो लड़का??” भैया ने पूछा.“चमार!!” मैंने कहा.“क्या ……तेरा दिमाग खराब है तेरा माध्वी?? एक ठाकुर की लड़की होकर एक चमार से शादी करेगी तू…..???” बड़े भैया बोले और गरजते हुए मेरे गाल पर ८ १० थपड मार दिए.“भैया…..मैं उससे प्यार करती हूँ???” मैंने रोते रोते कहा.“तू उससे प्यार करके हम लोग की इज्जत पूरे समाज में उछालना चाहती है.?? तू उस लड़के से दोबारा नही मिलेगी!! ” भैया बोले.और उन्होंने मुझे लात ही लात मारना शुरू कर दिया और मुझे कमरे में बंद कर दिया। ५ दिन मुझे मेरे घर वालों ने कमरे में बंद रखा और खाना भी नही दिया। पर मेरे पास मंजेश का दिया मोबाइल फोन था, इसलिए मैं चुपके चुपके उससे बात कर लेती थी। सबसे बड़ी बात की मेरी माँ भी मेरे खिलाफ हो गयी थी।“एक बात कान खोलकर सुन ले माध्वी……अगर तू उस लड़के से दोबारा मिली तो हम तुम दोनों को गोली मार देंगे। अपने जीते जी हम अपनी इज्जत भरे समाज में नही उछलने देंगे!!” मेरी माँ बोली.अब मैं अच्छी तरह से समझ गयी थी की मेरी शादी मंजेश से होना नामुमकिन है। कुछ दिन बाद मुझे बाहर निकलने की इजाजत दे दी गयी। मैंने मंजेश को फोन मिलाया और एक रेस्टोरेंट में उससे मिलने चली गयी। फिर मंजेश मुझे वहां से अपने हॉस्टल ले गया और वहां हम प्यार करने लगे।कुछ देर तक जब हम दोनों गले लगे रहे तो मंजेश मुझे किस करने लगा। मेरे ३४” के बड़े बड़े मम्मे दबाने लगा और मेरे रसीले होठ पीने लगा। कुछ देर बाद हम दोनों का चुदाई का दिल करने लगा। मंजेश ने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और मेरा सूट निकाल दिया।फिर उसने मेरी सलवार का नारा खोल दिया और सलवार निकाल दी। मैं भी चुदने के मूड में थी तो मैंने खुद अपनी ब्रा और पेंटी खोल दी। मंजेश ने अपनी शर्ट पेंट निकाल दी और नंगा हो गया। उसका लौड़ा हमेशा की तरह बहुत लम्बा ७” का था।हम दोनों अब पूरी तरह से नंगे हो गये थे और प्यार करने लगे। मैंने मंजेश को अपनी बाहों में भर लिया और उसके ओंठ चूसने लगी। आज कितने दिनों बाद हम प्यार कर रहे थे। फिर वो मेरे ३४” के बड़े ही सुंदर मम्मो को चूसने लगा। और मजे से पीने लगा।आज करीब १ महीने बाद मैं अपने बॉयफ्रेंड से मिल रही थी। १ महीने से ना चुदने के कारण आज मेरा चुदवाने का बहुत जादा मन कर रहा था। उधर मंजेश भी मेरी चूत का बहुत प्यासा था। वो बड़े जोश से मेरी दोनों चुचियों को बड़े मजे और मस्ती से पी और चूस रहा था।इसे भी पढ़े – वासना में गर्लफ्रेंड को दोस्त से चुदवायामैं आआआआअह्हह्हह… अई…अई…. .ईईईईईईई..करके गर्म गर्म सिसकारी ले रही थी। मंजेश मेरी रसीली चूचियों को जोर जोर से काट काटकर मेरे आम चूस रहा था, इसलिए मेरी निपल्स बिलकुल टन्न होकर खड़ी हो गयी थी। मेरे बूब्स अब और बड़े होकर तन गये थे। आज तो जैसे मंजेश की लाटरी निकल गयी थी।वो मजे से मेरे बड़े बड़े रसीले आम मुंह में लेकर चूस रहा था। फिर वो मेरी चूत में ऊँगली करने लगा। फिर वो लेटकर मेरी चूत पीने लगा। मैं भी चुदना चाहती
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04 अप्रैल 2026, 13:26

मिनट तक मेरे लंड को चूसने के बाद उसने कहा, “अजित, अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है, प्लीज अब मुझे चोदो!” मैं भी अब नेहा को चोदने के लिए पूरी तरह तैयार था।बिना देर किए मैंने उसकी दोनों टाँगें फैला दीं और अपने 9 इंच के लंड का सुपारा उसकी चूत पर रखकर एक धक्का मारा। नेहा चिल्ला उठी, “अजित, प्लीज छोड़ दो, बहुत दर्द हो रहा है… म्म्म… आह्ह्ह…” उसकी चूत की चुदाई पहली बार हो रही थी, शायद इसलिए उसे ज्यादा दर्द हो रहा था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.लेकिन मैं कहाँ रुकने वाला था। मैंने एक और जोर से धक्का मारा, मेरा सुपारा उसकी चूत में चला गया। लेकिन नेहा दर्द से कराहने लगी और देखा तो उसकी चूत से खून निकल रहा था। मैंने लंड को उसकी चूत से बाहर निकाल लिया। नेहा की आँखों में आँसू आ गए थे।लेकिन मैंने उसका हौसला बढ़ाया और कहा, “पहली चुदाई में खून तो निकलता ही है। जितना ज्यादा खून निकलेगा, उतना ही तुम्हें मज़ा आएगा।” मैंने उसकी पैंटी से उसकी चूत से निकल रहे खून को साफ किया और ग्लिसरीन लाकर उसकी चूत के चारों तरफ और अपने लंड पर भी लगाया।नेहा का दर्द अब कुछ कम हो गया था। मैंने फिर उसके पूरे जिस्म को अपनी जीभ से चाटा। अब उसे फिर से अच्छा लगने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी। इस बार मैंने नेहा की दोनों टाँगें ऊपर उठाकर उसकी चूत पर अपना सुपारा रखा और एक जोरदार धक्का दिया। इस बार एक ही बार में मेरा पूरा सुपारा उसकी चूत में घुस गया। नेहा धीरे से चिल्लाई, “आह्ह्ह… म्म्म… ओह्ह्ह…”इसे भी पढ़े – मम्मी की चूत की सेवा की बेटे नेफिर मैंने एक और धक्का दिया, इस बार मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया। नेहा बोली, “अजित, तुम्हारा लंड मुझे बहुत दर्द दे रहा है, अब मुझे इसका सुख दो… म्म्म… आह्ह्ह… ओह्ह्ह…” मैंने भी अब जोर-जोर से उसकी चूत में अपना लंड अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। नेहा भी गांड उठा-उठाकर चुदवाने लगी। उसका जोश अब सातवें आसमान पर था। वो बोली, “अजित, प्लीज और जोर से चोदो, और जोर से!” उसकी चूत से पानी निकलने लगा। वो मुझे जोर से जकड़ने लगी। मैं भी उसकी चूत पर मस्त बार करता रहा।वो झड़ चुकी थी। मैं भी झड़ने वाला था। मैंने अपने बार को और तेज कर दिया और लगा कि उसकी छोटी चूत को आज फाड़ ही दूँ। थोड़ी देर बाद मेरा पूरा वीर्य उसकी चूत में भर गया। 10 मिनट तक हम दोनों वैसे ही चिपके रहे। फिर नेहा बोली, “अजित, तुम्हारी लेटेस्ट चीज सीखने में तो बहुत मज़ा आया। अब मैं रोज तुमसे कुछ लेटेस्ट चीज सीखूँगी।” उसकी चूत मेरी मस्त चुदाई से पूरी तरह फूल गई थी। उसे चलने में भी दिक्कत हो रही थी। फिर भी वो मेरी लेटेस्ट चुदाई से बहुत खुश थी। और नेहा अपने कपड़े पहनकर अपने घर चली गई।ये Sexy Next Door Girl Chudai की कहानी आपको पसंद आई तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे………….
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04 अप्रैल 2026, 13:26

शरमा गई और बोली, “ये आप क्या दिखा रहे हैं?” मैंने कहा, “अरे नेहा, यही तो लेटेस्ट चीज है। तुम्हें अच्छा नहीं लगा क्या?” वो चुप रही। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.फिर मैंने धीरे से एक हाथ से उसके गालों को छुआ और कहा, “तुम्हारे गाल बहुत चिकने हैं नेहा।” फिर उसके होठों को धीरे-धीरे सहलाया। मुझे बहुत मजा आ रहा था, क्योंकि उसके होंठ बहुत मुलायम थे। मैंने कहा, “क्या ये लेटेस्ट चीज तुम्हें अच्छी नहीं लग रही है नेहा?”नेहा धीरे से बोली, “अच्छा तो लग रहा है, पर डर लग रहा है।” मैंने कहा, “अरे नेहा, तुम्हें डरने की क्या बात है? तुम तो कंप्यूटर पर लेटेस्ट चीज सीख रही हो। तुम मेरी बाहों में आ जाओ, फिर तुम्हें डर नहीं लगेगा।” और वो मेरी बाहों में आ गई। उसकी दोनों गोल-गोल चूचियाँ मेरे सीने से चिपक रही थीं।इसे भी पढ़े – बुआ भतीजे अकेले घर में चुदाई का खेल खेलने लगेमैंने थोड़ा और जोर से उसे अपनी बाहों में दबाया। अब उसकी दोनों चूचियाँ मेरे सीने में दब रही थीं। अब उसे भी अच्छा लग रहा था। मैं उसके होठों को अपनी जीभ से चाटने लगा। उसकी साँसें अब तेज हो रही थीं। मुझे लगा कि अब सही मौका है उसे बिस्तर पर ले जाने का।फिर मैंने उसे अपनी गोद में उठाकर बिस्तर पर ले गया और सीधे लिटा दिया। उसने अपनी टाँगें मोड़ लीं, जिससे उसकी स्कर्ट के नीचे भी दिखने लगा। उसने लाल रंग की पैंटी पहनी हुई थी। उसकी पैंटी देखकर मेरा 6 इंच का लंड अब 9 इंच का हो गया। मेरे खून की रफ्तार तेज हो गई।अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था, इसलिए बिना कुछ सोचे मैंने उसकी दोनों चूचियों को अपने दोनों हाथों में लेकर दबाने लगा। उसकी चूचियाँ ज्यादा बड़ी नहीं थीं, फिर भी बहुत सुंदर और गोल-गोल थीं। उसकी चूचियाँ मेरे हाथों में पूरी तरह आ जाती थीं और मैं अपने दोनों हाथों से जोर-जोर से दबाता रहा।नेहा लंबी-लंबी साँसें ले रही थी और “आह्ह्ह… ऊऊऊ…” की आवाजें उसके मुँह से निकल रही थीं। उसने कहा, “अजित, धीरे दबाओ, मुझे दर्द हो रहा है।” मैंने कहा, “नेहा, इस दर्द में भी तुम्हें मजा आएगा।” फिर मैंने उसका टॉप खोल दिया। उसने अंदर कुछ नहीं पहना था।उसकी दोनों चूचियाँ लाल हो गई थीं और उसके छोटे-छोटे निप्पल टाइट हो गए थे। उसके गोरे-गोरे बदन पर लाल हो चुकी चूचियाँ बहुत सेक्सी दिख रही थीं। उसके होंठ और गाल एकदम गुलाबी थे। मैंने अपनी जीभ से उसके पूरे चेहरे को चाटा, उसका पूरा चेहरा गीला हो गया।फिर मैंने उसके होठों को अपने होठों से चूसना शुरू किया। वो भी अब मेरा साथ देने लगी और उसने अपनी जीभ मेरी जीभ से मिलाकर चाटने लगी। मैं उसे अच्छी तरह चूस रहा था और उसकी चूचियों को भी जोर-जोर से दबा रहा था। उसकी चूचियाँ अब और कड़ी हो गई थीं।फिर मैंने उसके निप्पलों को अपने दाँतों से दबाना शुरू किया। वो सिहरने लगी और बोली, “प्लीज ऐसा मत करो, बहुत दर्द हो रहा है… आह्ह्ह…” और चिल्लाने लगी। घर में कोई नहीं था, इसलिए उसकी आवाज और दर्द की चिंता किए बिना वो और जोर-जोर से चिल्लाने लगी और मुझे धक्का देकर हटा दिया।इसे भी पढ़े – देवर मरने से पहले मेरी चूत चोदना चाहता थाउसने कहा, “मेरी चूचियाँ हैं अजित, रसगुल्ले नहीं कि तुम इन्हें खा ही जाओ। दर्द करता है।” मैंने कहा, “अरे नेहा, तुम्हारी चूचियाँ ही ऐसी हैं कि दिल करता है इन्हें खा ही जाऊँ।” अब उसे भी सेक्स का खुमार चढ़ चुका था। उसने मेरे भी कपड़े खोल दिए और उसने अपनी स्कर्ट भी खोल दी। मेरे लंड को देखकर वो हैरान-चकित थी।उसने कहा, “अजित, तेरा लंड तो बहुत बड़ा है यार।” मैंने कहा, “अरे नहीं नेहा, सिर्फ देखने में ये बड़ा लगता है। जब इसे तेरी चूत में डालूँगा, तो तुझे छोटा ही लगेगा।” उसने कहा, “सच में अजित?” मैंने कहा, “हाँ नेहा! पर मेरी चूत तो बहुत छोटी है अजित! उसमें तेरा हथौड़ा जैसा लंड कैसे जाएगा?”मैंने कहा, “नेहा जान, जो चीज जितनी छोटी होती है, वो उतना ही मोटा खाती है!” फिर मैंने उसकी गुलाबी पैंटी भी खोल दी। ओह, इस कहानी को पढ़ने वाले दोस्तों, उसकी चूत के बारे में क्या बताऊँ! सच में, उसकी चूत छोटी थी और फूली हुई थी। ऐसा प्यारा चूत मैंने आज तक नहीं देखा था।उसकी चूत को देखकर मेरे लंड और मुँह दोनों में पानी भर गया। मैं कुत्तों की तरह उसकी चूत चाटने लगा। उसकी चूत में अजीब तरह की मनमोहक खुशबू थी, और उतनी ही स्वादिष्ट थी, जिसने मुझे कुत्तों की तरह चाटने पर मजबूर कर दिया। उसे भी अपनी चूत चटवाने में बड़ा मज़ा आ रहा था।वो अपने चूतड़ उठा-उठाकर चूत चटवा रही थी और “म्म्म्म… आह्ह्ह…” की आवाजें उसके मुँह से निकल रही थीं। करीब 10 मिनट चूत चाटने के बाद उसने मेरा लंड अपने हाथों में लिया और सहलाने लगी। फिर उसने इसे अपने मुँह में डालकर लॉलीपॉप की तरह चूसना शुरू कर दिया।इसे भी पढ़े – अपनी ब्रा का हुक लगाने बोली आंटी नेमैं भी अपनी दो उंगलियाँ उसकी चूत में डालकर अंदर-बाहर करने लगा। अब उसकी चूत गीली हो गई थी। 15
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04 अप्रैल 2026, 13:26

शीर्षक: Sexy Next Door Girl Chudai - बिहारी गर्ल की टाइट चूत चोदी

Sexy Next Door Girl Chudaiमेरा नाम अजित है। मैं एक आकर्षक व्यक्तित्व वाला 22 साल का 5 फीट 10 इंच का मस्त लड़का हूँ। मुझे लड़कियों से दोस्ती करने का शौक है। अब मैं आपको ज्यादा बोर नहीं करता और अपनी मस्त कहानी आप सभी मस्त दोस्तों को बताता हूँ। बात मेरे ही गृहनगर पटना की है। जब मैं अपना आईटी कोर्स पूरा करके अपने घर (पटना) आया। Sexy Next Door Girl Chudaiएक शाम जब मैं अपनी छत पर गया, तो देखा कि एक 18 साल की लड़की मेरे सामने वाली छत पर खड़ी थी। मैंने उसे वहाँ पहली बार देखा था। उसने स्कर्ट और टॉप पहना हुआ था। टॉप टाइट होने की वजह से उसकी चूचियाँ और छोटे-छोटे निप्पल उभरकर दिख रहे थे।मेरी नजर बार-बार उसके स्तनों पर चली जा रही थी। वो दिखने में काफी सुंदर लग रही थी। उसकी हाइट करीब 5 फीट 2 इंच होगी, उसके बाल काफी लंबे थे, और बदन काफी भरा-पूरा था। उसके गाल एकदम गुलाबी और बदन पूरा दूधिया था। उसे देखकर मेरे मन में एक अजीब सी मस्ती बढ़ रही थी।उसी समय मेरी माँ छत पर आईं, तो मैंने अपनी नजर दूसरी तरफ कर ली। फिर माँ से पूछा, “सामने वाले घर में कोई नया पड़ोसी आया है क्या?” माँ ने बताया, “हाँ, एक नया किराएदार राँची से आया है। उसके घर में पति-पत्नी और एक बेटी है। वे लोग कभी-कभी अपने घर पर भी आते हैं।इसे भी पढ़े – माँ को घोड़ी बना कर पेलाउसकी बेटी को कंप्यूटर में काफी रुचि है और जब भी हमारे घर आती है, तुम्हारा कंप्यूटर शुरू करके कुछ न कुछ करती रहती है। उसने पूछा था कि ये कंप्यूटर किसका है, तो मैंने बताया कि ये मेरे बेटे अजित का है और वो दिल्ली में कंप्यूटर कोर्स करने गया है।”अगले ही दिन वो लड़की मेरे घर आई। वो सीधे मेरे कमरे में आ गई, लेकिन जैसे ही उसने मुझे देखा, एकदम रुक गई और शरमा गई, क्योंकि उस समय मैं अपने कमरे में कपड़े बदल रहा था। मैं भी उसे अपने कमरे में देखकर अजीब सा महसूस कर रहा था।फिर मैंने उससे पूछा, “तुम कौन?”उसने अपनी मीठी सी आवाज में कहा, “जी, मेरा नाम नेहा है। मैं आपके सामने वाले घर में रहती हूँ।”फिर मैंने उसे बैठने को कहा। उस समय मेरी माँ सो रही थीं और घर में कोई नहीं था। मैंने उससे परिचय दिया और पूछा, “तुम मेरे कमरे में क्यों आई हो?”उसने कहा, “जी, मुझे कंप्यूटर में रुचि है और मैंने सोचा कि आपके कंप्यूटर पर कुछ सीखूँ। इसके लिए मैंने आपकी मम्मी से भी परमिशन ले ली है। मैं समझी कि आप अभी दिल्ली में हैं, इसलिए आपके कमरे में आ गई। अच्छा, मैं जाती हूँ।”मैंने कहा, “क्या, कंप्यूटर नहीं सीखना है?”उसने कहा, “जी, सीखना तो चाहती हूँ, लेकिन शायद आपको अच्छा न लगे।”मैंने कहा, “नहीं नेहा, ऐसी कोई बात नहीं है। तुम मेरे कंप्यूटर का इस्तेमाल कर सकती हो और अगर चाहो तो मैं तुम्हारी इसमें मदद कर सकता हूँ।”वो मेरी बात सुनकर खुश हो गई। उसने कहा, “सच में, आप मुझे कंप्यूटर सिखाएँगे?”मैंने कहा, “क्यों नहीं?”मुझे तो एक बहाना चाहिए था उससे बात करने और उसे करीब से देखने का। उसने झट से मेरा कंप्यूटर ऑन कर लिया और पूछा, “मुझे सबसे पहले कंप्यूटर सीखने के लिए क्या करना चाहिए?” मैंने कहा, “सबसे पहले तुम्हें माउस और कीबोर्ड चलाना सीखना होगा।”इसे भी पढ़े – थानेदार की पिचकारी माँ की चूत मेंउसे माउस चलाने में दिक्कत हो रही थी, तो मैंने उसके हाथ पर अपना हाथ रखकर माउस चलाना सिखाया। उसके हाथ बहुत मुलायम थे। मैं पीछे से खड़े होकर उसे माउस चलाना सिखा रहा था। कभी-कभी उसके जुल्फें मेरे चेहरे पर उड़कर आ जाती थीं। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था, मन कर रहा था कि उसे अपनी बाहों में ले लूँ और चूम लूँ।उस समय भी उसने स्कर्ट और हाफ टॉप पहना हुआ था। उसकी गोरी जाँघें साफ दिख रही थीं और टॉप से उसकी गोल-गोल चूचियाँ भी झलक रही थीं। मैं काफी मस्त हो रहा था। जब मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ, तो मैं धीरे से उसके बगल में बैठ गया और उसकी जाँघ पर अपना हाथ रख दिया।मुझे लगा जैसे मेरा हाथ मखमल पर है और फिसलता जा रहा है, क्योंकि उसकी जाँघें बहुत चिकनी थीं। फिर मैंने धीरे-धीरे उसकी जाँघों को सहलाना शुरू किया। वो कंप्यूटर पर व्यस्त थी, शायद इसलिए उसे पता नहीं चल रहा था। फिर उसी समय मेरी माँ कमरे में आ गईं। मैंने जल्दी से अपना हाथ हटा लिया।माँ बोलीं, “अजित, नेहा को कंप्यूटर सिखा देना, उसे इसमें रुचि है। मैं मार्केट जा रही हूँ, 2-3 घंटे बाद आ जाऊँगी। गेट बंद कर लेना।”अब मुझे तो एक अच्छा मौका मिल गया। अब मेरे घर में सिर्फ हम दोनों ही थे। उसी समय नेहा कमरे से बाहर आ गई और बोली, “मैं भी जा रही हूँ, बाद में आऊँगी।” मैंने कहा, “अरे रुको नेहा, क्या कंप्यूटर नहीं सीखोगी? चलो, तुम्हें कंप्यूटर में लेटेस्ट चीज सिखाता हूँ।”उसने पूछा, “लेटेस्ट चीज? ये लेटेस्ट चीज क्या होती है?” फिर मैंने अपनी एक पर्सनल फाइल खोली, जिसमें कुछ हॉट सेक्सी फोटो थे। उसे देखकर वो
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30 मार्च 2026, 16:23

करे………….
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30 मार्च 2026, 16:22

कर रही थी क्या? तुम तो सच में कमाल की हो.”इसे भी पढ़े – बहन की चूत चूची गांड देखना चाहता था भाईऐसा कहते हुए जीजू ने मेरी छोटी सी पुस्सी को छुआ… हा हा मैं मचल उठी। जीजू बोले स्वाति इसी में तो सारी खुजली है मेरी जान… तेरी इसी चूत ने तो मुझे परेशान किया हुआ है… कह के जीजू मेरी चूत को सहलाने लगे और मेरी मस्ती भरी आहों से मजा लेने लगे। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.जीजू मेरी चूत को मसलने लगे और मेरी जाँघों को फैलाकर मेरी छोटी सी कसी-कसी चूत को चूमने और चाटने लगे… ओओह्ह जीजू… हाय… ये क्या कर रहे हो??? आआह्ह्ह ओह्ह ओह मम्मी उई माँ मैं चिल्लाती रही और जीजू मेरी कच्ची जवानी के रस को चूसते रहे… मैं बार-बार सोच रही थी कि चुदाई कब होती है यार… काफी देर तक जीजू मेरी चूत को चाटते-चूसते रहे और मैं यूँ ही चिल्लाती रही…फिर जीजू ने मुझे छोड़ दिया। मैंने आँखें खोल के देखा तो जीजू ने अपने कपड़े उतार दिए और उनका लंड… हाय इतना बड़ा लंड ८ इंच लंबा और २.५ इंच मोटा मैं तो डर गई। तो जीजू बोले “घबराओ मत डार्लिंग अब तो असली दूध पीने का मजा आएगा” तब जीजू ने अपने लंड को धीरे से मेरी मचलती हुई चिकनी हुई चुकी चूत के मुँह पर रखा और धीरे-धीरे मेरी चूत के मुँह पर रगड़ने लगे…ओह्ह माय गुड… ओओह्ह डियर जीजू… कम ऑन… आई एम वेरी मच थर्स्टी… आई एम डाइंग… नाउ आई कैन नॉट होल्ड एनी मोर… जीजू यू हैव मेड मी वेरी हॉट… हाँ जीजू आओ ना… अब मैं बिल्कुल नहीं रुक सकती हूँ… ओओह्ह मेरे जीजू… अब मत करो… मैं पूरी तरह गरम हो चुकी हूँ… ओओह्ह जीजू… मैं अब और इंतजार नहीं कर सकती हूँ… अब डाल भी दो ना।जीजू ने कहा “तुमको चोदने के लिए तो मैं कब से बेचैन हूँ.” मैंने कहा “ओफ्फ तो अब मेरी चुदाई शुरू करो ना जीजू… मैं भी जिस रोज से तुमसे मिली हूँ सचमुच बड़ी ही बेताबी से तड़प रही हूँ तुमसे चुदवाने के लिए डियर जीजू…” जीजू मुझे समझाते हुए बोले “स्वाति शुरू में थोड़ा दर्द होगा बस थोड़ा सह लेना बाद में बस मजा ही मजा आएगा.”इसे भी पढ़े – मामी ने बाथरूम में बुला कर साबुन लगवायामैं तो बस इंतजार ही कर रही थी कि कब जीजू मेरी चुदाई शुरू कर दें बस… जीजू ने धीरे-धीरे से मेरी चूत में अपना लंड डाला अभी सिर्फ थोड़ा सा ही गया था मुझे बहुत ज्यादा दर्द होने लगा मैं चिल्लाई जीज्ज्जु मैं मर जाऊँगी… बहुत दर्द हो रहा है। जल्दी बाहर निकालो। जीजू ने बाहर निकाल दिया।मैंने देखा कि मेरी चूत से खून आ रहा है मुझे बड़ा दर्द हो रहा था। मेरे चीखने की आवाज सुनकर भाभी भागकर आईं और दरवाजा खोला तो देखा कि मैं और जीजू दोनों नेकेड हैं और मेरी चूत से खून निकल रहा है देखकर बोलीं “लगता है साली ने जीजू की सेवा कर दी”.तभी जीजू बोले “अरे भाभी सिर्फ सुपारा से ही चिल्ला गई है अभी तो पूरा जाना बाकी है आप ही थोड़ा देखो ना इसको” भाभी बोलीं “ननद जी डरो मत अब तो सुपारा तुम्हारा काम कर ही चुका है अब पूरा ले लो” ऐसा कहकर वो मेरे बूब्स दबाने लगीं। जीजू भी मेरी चूत पर अपना लंड फिराने लगे।फिर थोड़ी देर में जीजू ने अपना लंड फिर से मेरी चूत में डाला और एक जोर से धक्का दिया ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मुझे दर्द हो रहा था। फिर जीजू ने धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया। मेरा दर्द कम हो रहा था मैं एंजॉय करने लगी थी। भाभी समझ गई कि अब ये चुदाई के लिए तैयार हो गई है. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.तो बोलीं “तुम दोनों अपना राउंड खत्म करो मैं तुम लोगों के लिए दूध गरम करके लाती हूँ” ऐसा कहकर भाभी चली गईं। जीजू बोले “मजा आ रहा है ना स्वाति” मैंने कहा “करते ही रहो… और जोर से चोदो आज पूरी रात मुझे चोदते ही रहो। ओह माय गॉड जोर-जोर से ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह यू आर ग्रेट। तुम्हारा लंड बड़ा मस्त है”।इसे भी पढ़े – फेसबुक के यार ने आगे पीछे प्यार दियाथोड़ी देर के बाद मैं झड़ गई और जीजू भी झड़ गए। उनका वीर्य मेरी चूत के अंदर ही गिर गया। वो मेरे ऊपर ही थोड़ी देर लेटे रहे। इतने में भाभी आ गईं बोलीं “विकास कैसे है तुम्हारी साली” जीजू बोले “अरे भाभी ये तो बड़ी मस्त है इसने तो आज मुझे जन्नत तक पहुँचा दिया” मैंने कहा “और आपने भी तो”. भाभी बोलीं “दूध पी लो फिर सो जाओ” जीजू बोले “अरे भाभी आज तो मैं पूरी रात इसको चोदूँगा अभी-अभी बोल रही थी चोदो मुझे चोदो मुझे पूरी रात मुझे चोदो.”भाभी बोलीं “आज उसकी गर्मी उतारने के लिए तुम्हारा लंड जो मिल गया है आज तो पूरी गर्मी उतार दो” ऐसा कहकर भाभी चली गईं सोने को और जीजू ने दूध पीकर मुझे संभाला और बोले “अब मैं फिर से आ रहा हूँ कुँवारी भैंस का दूध पीने तैयार हो जाओ” फिर जीजू ने रात भर में मेरी 4 बार और चुदाई की और फिर मुझे मेरे बेड रूम पर लेटाकर सो गए। यह तो थी स्वाति की चुदाई की कहानी। दीपिका, किरण और रत्ना भाभी की चुदाई कैसे हुई यह नेक्स्ट पार्ट।ये Girl Boob Milk आपको पसंद आई तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर
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30 मार्च 2026, 16:22

बिल्कुल रेखा की तरह अरे कब तक छोड़ोगे उसको एक बार चोदो तो सही फिर तुमको पता चलेगा कि क्या मस्त माल है” जीजू बोले “भाभी तुम ही कोई हेल्प करो ना” भाभी बोलीं ठीक है मैं उसको दूध लेकर तुम्हारे पास भेजती हूँ बाकी तुम पर रहता है कि क्या करते हो।तभी मेरी आहट से दोनों चुप हो गए। थोड़ी देर के बाद जीजू अपने रूम पर चले गए। मैंने अपने कपड़े बदले और नाइटी पहनकर जैसे ही आई तो भाभी ने मुझसे कहा “अपने जीजू के लिए दूध ले जाओ” मैंने कहा “2 गिलास क्यों” तो वो बोलीं “तुम भी जीजू के साथ पी लेना फिर सोने चली जाना”मैंने कहा “ठीक है” और मैं जीजू के रूम पर गई तो जीजू रजाई ओढ़कर लेटे हुए थे। मैंने पूछा “जीजू ठंड लग रही है क्या?” वो बोले “थोड़ी सी है” तो मैंने कहा “दूध पी लो फिर सो जाना” बोले “मैंने तो रात को दूध नहीं पीता” मैंने पूछा “क्यों” बोले “मुझे अच्छा नहीं लगता”.मैंने हँसते हुए पूछा “फिर कौन सा दूध अच्छा लगता है” उन्होंने हँसते हुए कहा “मुझे कुँवारी भैंस का दूध बहुत पसंद है” मैंने पूछा “यह कहाँ मिलता है” बोले “बताऊँगा तुम बैठो तो सही तुमको ठंड नहीं लग रही है क्या” मैं जीजाजी के पास बिस्तर पर चली गई और अपने पैर रजाई के अंदर डाल दिए और जीजू को दूध देते हुए कहा “लो उसको पी लो.”उन्होंने दूध टेबल पर रखा और बोले “यह तो अभी तुम्हारे ही काम आएगा” मैंने कहा “क्यों” तो उन्होंने कहा कुछ नहीं। हम दोनों बिस्तर पर आमने-सामने बैठे हुए थे। फिर जीजू ने पूछा तुम्हारी वो दो दोस्तें कहाँ हैं किरण और दीपिका। मैंने कहा “दीपिका तो कल आने वाली है आपसे मिलने के लिए और किरण एक-दो दिन के बाद आएगी”।दूध गरम था तो मैंने जीजू को अपना गिलास देते हुए कहा कि इसको टेबल पर रख दो तो जीजू ने कहा कि खुद ही रख लो तो मैं खुद ही खड़ी हुई और टेबल पर दूध रखा और वापस आ रही थी तो जीजू ने मेरा हाथ पकड़ लिया। मैंने कहा “जीजू प्लीज हाथ छोड़ दीजिए ना भाभी आ जाएँगी.”वो बोले “की नहीं आएगी” फिर उन्होंने मुझे अपनी ओर खींचा और मैं बेड पर उनके बगल पर आ गिरी। उन्होंने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। मैंने छूटने की कोशिश की पर नहीं कर पाई। उन्होंने मुझे बेड पर पूरी तरह से खींच लिया और मेरे ऊपर लेट गए। फिर उन्होंने मेरे बूब्स दबाने शुरू कर दिए। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.इसे भी पढ़े – एग्जाम सेंटर में सेक्सी लड़की साथ चुदाईमैंने पूछा “यह क्या कर रहे हैं आप” तो बोले “कुँवारी भैंस का दूध पीने जा रहा हूँ”। फिर मैं कुछ कहती उन्होंने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और मेरे बूब्स को नाइटी के ऊपर से ही दबाना शुरू कर दिया। मैं उनको हटाने की कोशिश कर रही थी लेकिन वो नाकाम कोशिश थी।आखिर उन्होंने मेरी नाइटी के अंदर एक हाथ डालकर मेरे लेफ्ट बूब को पकड़ लिया। मेरी आह्ह निकल गई। उनकी हिम्मत और बढ़ गई। उन्होंने मेरे होंठों पर होंठों को रखा और मेरे दोनों बूब्स को दबाने लगे। मेरी आँखें बंद होने लगी थीं। उसको पता चल गया कि अब मैं हॉट होने लगी हूँ। उन्होंने मेरी नाइटी उतार दी। अब मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी। मुझे शरम आने लगी थी।जीजू ने मेरी ब्रा भी उतार दी। मेरे 34डी साइज के बूब्स बाहर निकल आए। जीजू ने मेरे लेफ्ट बूब्स पर अपना मुँह लगा लिया और दूसरे को दबाने लगे। मैं बोली जिज्ज्ज्जु प्लीज मुझ्ज्जे छोड़ दो ना आह्ह्ह्ह उउह्ह्ह वो बारी-बारी से मेरे बूब्स को चूसने लगे। मैं हॉट हो गई थी। मेरी आहें निकल रही थीं ओओफ्फ्फोह्ह्ह… जीजू…. उउम्म्ह्ह…. उउफ्फ्फ…. जीजू… य्यू आर…. ग्रेट….. ई… यस जीजू… उउम्ह्ह्हा.जीजू ने मुझसे पूछा “कैसा लग रहा है स्वाति” ओओह्ह्ह जीजू… इट्स फाइन… आई लाइक इट वेरी मच… जीजू… जीजू… इन फैक्ट आई ऑल्सो वांटेड इट फ्रॉम यू… माय डियर… यस आई ऑल्सो वांटेड द सेम ट्रीटमेंट फ्रॉम यू… हाँ डियर सच कहती हूँ मैं यही चाहती थी कि तुम मेरे बूब्स को अपने हाथों में लेकर खूब जोर से दबाओ…जीजू बोले तुम्हारे बूब्स ने तो मुझे पागल कर दिया है डार्लिंग। मैंने अपनी मस्त सेक्सी आवाज में कहा “डियर जीजू तुम बहुत अच्छे हो… आप जानते हो कि जवान लड़की के बूब्स को कैसे दबाते हैं और चूसते हैं… हाँ डियर तुम बिल्कुल एक्सपर्ट हो… मेरे जीजू… आई लव यू”।फिर जीजू ने मेरी जाँघों में हाथ लगाया और होंठों से किस करना शुरू कर दिया। मैं फुल हॉट हो चुकी थी। मैंने कहा “जीजूuu आई एम कमिंग” और मैं झड़ गई। उसके बाद जीजू ने मुझसे कहा “स्वाति मैं तुमको चोदना चाहता हूँ” मैं कुछ भी नहीं बोली तो जीजू ने मेरी पैंटी उतार दी।अब मैं पूरी नेकेड हो गई थी। मुझे शरम आ रही थी। मैंने अपने दोनों हाथों से अपना मुँह छुपा लिया। जीजू अपना काम करने लगे। उन्होंने मुझसे कहा “स्वाति डार्लिंग हाय क्या कच्ची कली है… एकदम फ्रेश माल है तू ह्म्म मेरी जान, तुमने तो पुस्सी को शेव करके भी रखा है इसका मतलब है कि तुमको भी इस चुदाई से इनकार नहीं है मेरे लंड का ही इंतजार
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30 मार्च 2026, 16:22

शीर्षक: Girl Boob Milk - जीजू ने कुंवारी साली के स्तनों से दूध निकाला

Girl Boob Milkयह कहानी शुरू होती है स्वाति के घर से। रत्ना उसकी भाभी है और राखी उसकी दीदी। किरण और दीपिका उसकी फ्रेंड्स हैं, बहुत ही अच्छी फ्रेंड्स हैं। घर पर आना-जाना है, फैमिली रिलेशन है। स्वाति के मम्मी-पापा गाँव में हैं और वो अपने भैया, भाभी और दीदी के साथ रहती है। भैया सेल्स एग्जीक्यूटिव हैं इसलिए महीने में 20 दिन बाहर रहते हैं और 10 दिन घर पर। भाभी और स्वाति ही घर पर रहते थे। राखी की शादी 2 साल पहले हुई है। यह तो था इंट्रोडक्शन। इस स्टोरी में (मैं = स्वाति) लिख रही हूँ। Girl Boob Milkबात 1.5 साल पहले की है जब विंटर की छुट्टियाँ हुई थीं। एक दिन रात मैं सोने को जा रही थी तो दीदी का फोन आया कि जीजाजी 1 हफ्ते के लिए दिल्ली आने वाले हैं। मैंने पूछा कि आप नहीं आ रही हैं तो बोलीं कि नहीं यहाँ सास की तबीयत कुछ ठीक नहीं है इसलिए मैं नहीं आ रही हूँ पर तुम जरा खयाल रखना।मैं बोली “डोंट वरी” मैं हूँ ना। भाभी आईं पूछा कि किसका फोन है तो मैंने कहा कि जीजू आने वाले हैं 2 दिनों में। तो भाभी बोलीं “बड़ी खुश हो रही हो ननद रानी। जीजाजी आ रहे हैं साली बनके सेवा करनी है कि आधी घरवाली बनकर” मैंने कहा भाभी अगर मौका मिला तो पूरी घरवाली भी बन जाऊँगी।भाभी ने कहा कभी सोचा है कि कितना मजा आता है मैंने कहा नहीं तो भाभी बोलीं आओ मैं तुमको बताऊँगी कि क्या मजा आता है। भाभी ने मेरे बूब्स पकड़ लिए। मैंने कहा भाभी दर्द होता है तो बोलीं अभी तो खाली हल्के से दबाया है जब तेरे जीजा मसल देगा तब क्या करेगी। मुझको बुलाएगी क्या।फिर तो भाभी ने मेरी नाइटी और ब्रा उतार दी और मेरे एक बूब के ऊपर अपने होंठ रखकर उसको चूसने लगी। मैंने कहा “भाभी प्लीज छोड़ो ना” भाभी बोलीं “अरे अभी तो कुछ भी नहीं हुआ” फिर वो मेरे बूब्स को दबाने लगीं। मेरे बूब्स सख्त होने लगे थे मुझे मजा आने लगा था।इसे भी पढ़े – चटपटी चूत चोदी सेक्सी चाची कीमैंने कहा “भाभी और जोर से करो” भाभी ने मेरे बूब्स को जोर-जोर से चूसना शुरू कर दिया। फिर भाभी ने मेरी पैंटी खोल दी और मेरी पुस्सी के होंठ खोलकर उस पर अपनी उंगली रख दी “आआह्ह्ह” मुझे करंट सा लग गया और मैं सिसकने लगी थी। तभी भाभी ने मेरी पुस्सी पर अपना मुँह लगा दिया और मेरी पुस्सी चाटने लगी।मैं बच्ची हो गई। मैंने कहा “भाभी बस करो ना” भाभी ने मेरी पुस्सी पर अपनी जीभ का अटैक किया “ओओह्ह्ह भाभी छोड़ दो मुझे प्लीज और करो ना” फिर थोड़ी देर में मैंने कहा भाभी आई एम कमिंग और मैं झड़ गई। भाभी मेरी पुस्सी को पूरी चाट गई.और बोलीं “तुम अपनी चूत को शेव करके रखो स्वाति तुम्हारे जीजू तो तुम्हारी चूत को देखकर ही समझ जाएँगे कि तुम उनसे चुदवाना चाहती हो। यही मौका है क्योंकि भैया तो हैं नहीं और जीजू आ रहे हैं उनके रहने का इंतजाम भी तुम्हारे रूम के सामने वाले रूम में कर देते हैं।“ मैं बोली “भाभी ऐसे मजा के लिए तो मैं कुछ भी करने को तैयार हूँ”।अगले दिन मैंने अपनी पुस्सी को शेव कर लिया ताकि जीजू से पूरा मजा ले सकूँ। जीजू आए हमने उनका स्वागत किया। खाना बनाया हुआ था हमने मिलकर खाया। फिर जीजू दिन में आए तो भाभी सो रही थीं। मैंने खाना लगाया और जीजू को बोला कि आप आराम कर लीजिए। और उनको रूम पर ले गई। मैंने पूछा “कुछ चाहिए तो नहीं” वो बोले “चाहिए” मैंने पूछा “क्या” बोले यहाँ तो आओ। जैसे ही मैं उनके पास गई उन्होंने मुझे पकड़ लिया और बोले “मुझे तुम्हारी एक पप्पी चाहिए” मैंने कहा “बस एक ही” बोले “नहीं और भी लेनी है” फिर मैंने पूछा “कहाँ पर” तो वो उँगलियों से इशारा करने लगे गाल पर, होंठों पर, गले पर, बूब्स पर, नाभि पर, और पुस्सी पर।मैंने कहा “जीजू यह काम तो दीदी ही करेगी मैं तो आपकी साली हूँ” वो बोले “साली तो आधी घरवाली होती है” मैंने कहा “आप तो पूरी बनाना चाह रहे हो” वो बोले “कैसे?” मैंने अपने बूब्स और पुस्सी को इशारा करते हुए कहा “कि यहाँ पर पप्पी तो दीदी ही दे सकती है और गाल पर लेनी हो तो ले लो”,वो बोले “ठीक है अभी यहीं से काम चला लेता हूँ” फिर उन्होंने मेरे गाल पर एक किस किया फिर एकदम से मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। मेरी आँखें बंद हो गईं। उन्होंने मेरे होंठों को 3-4 बार चूमा फिर मेरे बूब्स मेरी टी-शर्ट के ऊपर से ही दबा दिए। मैं एक झटका दिया और मैं यहाँ से भागकर अपने रूम पर आ गई। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.शाम को भाभी ने जीजू के सामने ही पूछा “स्वाति जीजाजी की कोई सेवा की या नहीं”। मैंने कहा “जीजू मौका ही नहीं देते” भाभी बोलीं जीजू से “अरे कैसे जीजा हैं जो साली को सेवा का मौका नहीं दे रहे हैं” जीजू बोले “भाभी आज सोने से पहले जरूर दूँगा”। मैं जीजे के लिए मिठाई लेने गई.इसे भी पढ़े – बड़े भाई ने बहन के बुर की सील तोड़ीतो भाभी को कहते हुए सुना कि “अरे विकास तुम्हारी साली तो एकदम नया माल है
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30 मार्च 2026, 16:19

अंदर डालो ना ऐसा मजा तो आज तक कभी नहीं आया था…. भोसड़े को काट खाओ मेरे राजा इसमें बहुत गर्मी भरी पड़ी है तुम सब चूस लोओओ… आह्ह्ह ऐसे ही करते रहो.. और तेज जानू रुकना नहीं मेहरबानी करके नहीं तो मेरी जान निकल जाएगी…”फिर मैं खड़ा होकर उसके बूर के ऊपर अपने लंड को रगड़ना शुरू कर दिया तो वो बोली “मेरे सरताज मेहरबानी करके जल्दी से पूरा अंदर डाल दो अब नहीं रहा जाता…. अंदर बहुत ज्यादा उलझन हो रही है इसको अंदर डालकर पूरी गर्मी मिटा दो..” फिर भी मैंने उसे तड़पाने के लिए लंड अंदर नहीं डाला.तो वो खुद बूर को पीछे धक्का देकर लंड को अंदर लेने की कोशिश करने लगी और गिड़गिड़ाने लगी “देखो अभी कोई आ जाएगा तो कुछ भी नहीं हो पाएगा प्लीज पूरा एक बार में ही अंदर डाल दो ना मेहरबानी करके अब नहीं रहा जाता” फिर मैंने अपना लंड एक झटके से अंदर डाल दिया तो वो चिल्लाई “या अल्लाह मार डाला…. पूरा एक साथ ही डाल दिया…. इंसानों का लंड रखते हो या घोड़े का?”फिर मैं उसकी चुची को पीते हुए धीरे-धीरे लंड को अंदर-बाहर करना शुरू किया तो उसको आराम आने शुरू हो गया और थोड़ी देर बाद वो खुद गांड को पीछे धक्का दे-देकर पूरा लंड अंदर लेने लगी और बड़बड़ाने लगी “हाईई पूरा निकालकर एक साथ अंदर डालो ना जान बहुत मजा आ रहा है.. सच आज तक मैंने ऐसा लंड कभी नहीं देखा…इसे भी पढ़े – ड्राईवर से चुदवाने लगी मेरी प्यासी माँआज के बाद कोई घोड़ा भी चोदेगा तो दर्द नहीं होगा.. और तेज धक्का दे….. मेरे सरताज पूरी गर्मी निकाल दो आज मेरे भोसड़े को एकदम फाड़ दो…. जब भी तुम मुझे मिलना ऐसा ही चोदा हमेशा… इतना बड़ा लंड से चुद के सच में बहुत मजा आ रहा है तुम्हारी कुंवारी प्रेमिका का क्या हुआ होगा जब उसने तुम्हारे 10″ के लौड़े अंदर लिया होगा.” करीब ऐसा ही 15-20 मिनट चलता रहा और वो झड़ गई… और वो बोली “नहीं प्लीज इसमें अब मत करो बहुत दर्द हो रहा है” तो मैंने पूछा अब क्या करें.तो वो बोली “मेरे गांड में लंड डालकर अपनी गर्मी मिटा लो मेहरबानी करके इतना जल्दी बुर नहीं सह पाएगी फिर से” तो मैंने उसके टाइट गांड में लंड डालकर करीब 5 मिनट रगड़ता रहा फिर स्पर्म निकलने के बाद हम दोनों कपड़े ठीक करके सीट पर आ गए और चुपचाप बैठ गए। करीब 1 घंटे बाद हम फैजाबाद पहुँच गए तो मैंने धीरे से लास्ट बार उसकी चुची दबाई और मुस्कुरा दिया तो वो भी धीरे से मुस्कुराकर धीरे से बोली वाकई आज बहुत ही ज्यादा मजा आया.. ट्रेन से निकलकर देखा उसके घर से स्टेशन पर कई लोग लेने आए थे… और मैं अपने रास्ते चला गया…
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30 मार्च 2026, 16:19

शीर्षक: Desi Train Romance Sex Story - ट्रेन में प्यार की बारिश

Desi Train Romance Sex Storyहैलो दोस्तों मैं विवेक, 23 साल का लड़का, 5.9 इंच हाइट, गोरा और अच्छा दिखने वाला, गोरखपुर (यू.पी.) का रहने वाला हूँ। मैं अभी एमबीबीएस सेकंड ईयर का स्टूडेंट हूँ। ये बात दो साल पहले की है जब मैं इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बी.ए. कर रहा था। होली की छुट्टी हो गई थी और मैं रात को 9 बजे सरयू एक्सप्रेस पर प्रयाग स्टेशन से बैठा। Desi Train Romance Sex Story1-2 स्टॉप और आगे जाने के बाद ट्रेन बहुत ज्यादा भर गई थी। मैं विंडो के पास वाली सिंगल सीट पर बैठा हुआ था और बाद में वैसे ही सो गया। करीब 1 घंटे बाद मुझे लगा कि कोई मेरे पास आकर बैठ गया जो मेरी सीट पर थोड़ी सी जगह बची हुई थी वहाँ पर। मैंने देखा वो एक मुस्लिम औरत थी बुर्के में।मैं फिर से सो गया और वो एक हाथ से विंडो को पकड़ी हुई थी और उसका हाथ मेरे जांघ से धीरे-धीरे रगड़ रहा था। और उसकी पीठ भी मेरे कंधों से रगड़ रही थी। अब मेरी नींद टूट गई। फिर मैंने अपना हाथ अपने जांघ पर रख लिया जिससे उसका हाथ मेरे जांघ के ऊपर रखे हाथ से रगड़ने लगा।अब मैंने धीरे-धीरे उसकी कोहनी को हाथ से दबाना शुरू कर दिया पर वो कुछ भी नहीं बोली। फिर मैंने थोड़ा जोर लगाकर उसका हाथ मसलना शुरू कर दिया, वो फिर भी चुप ही रही। फिर मैंने धीरे-धीरे उसका हाथ मसलते हुए अपना हाथ उसके बुर्के के अंदर डालना शुरू कर दिया।इसे भी पढ़े – 3 देहाती बहनों को एक साथ चोदावो अब भी बिल्कुल चुप थी। फिर जब मैं उसके चुचे के पास पहुँचने की कोशिश कर रहा था तो अंदर का कोई कपड़ा मेरे हाथ को रोक रहा था कि अचानक वो उठी और हाथ को बुर्के के अंदर डालकर कुछ किया और फिर से बैठ गई। जब मैंने दोबारा अपना हाथ अंदर डाला तो हाथ बड़े आराम से अंदर चला गया।इस बीच ट्रेन के काफी लोकल पैसेंजर उतर गए थे और काफी सीट भी खाली हो गई थी। उसको मेरे पास से ना जाना पड़े इसलिए उसने सोने का बहाना कर लिया था। अब मैं हाथ अंदर डालकर उसके बड़े-बड़े चुचियों को दबा रहा था। इस बीच मैंने उसके निप्पल को जोर से दबा दिया.तो वो बोली “क्या करते हो दर्द कर रहा है मेरे सरताज” और वो धीरे से अपने हाथों को मोड़कर मेरे लंड को पैंट के ऊपर से ही मसल रही थी। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। फिर मैंने बोला जानू मुझे तुम्हारी बूब्स पीने का मन कर रहा है तो वो बोली मेरे सरताज मन तो मुझे भी कर रहा है पर ट्रेन में कर भी क्या सकते हैं…तो मैंने बोला मैं पहले बाथरूम जाता हूँ बाद में तुम चली आना वैसे भी पूरे डिब्बे में बस 4-5 लोग ही हैं वो भी सो रहे थे। मैं उठकर बाथरूम चला गया और थोड़ी देर उसके आते ही मैंने उसका बुर्का उठाया तो देखा वो कोई 29-32 साल की गोरी मुस्लिम औरत थी।उसने बताया कि उसका पति कतर में रहते हैं। अब मैंने दरवाजा लॉक करके उसका बुर्का उतारा। काली ब्रा में उसके दूध जैसे चुचे हाजब ढा रहे थे। मैंने जल्दी से ब्रा भी उतारी और बूब्स को तेज-तेज चूसने लगा। वो मस्त होकर बोलने लगी “आह्ह्ह जानू आज पूरा दूध पी लो कुछ भी मत बचाओ.. काट-काट डालो इसको…… आज इसकी हर कसर पूरी कर दो। मेरे सरताज ये बहुत दिनों से सुलग रही थी आज इसकी पूरी गर्मी तुम पी जाओ..”इसे भी पढ़े – माँ के सामने कुंवारी बेटी चुदीऔर मैं दूसरे हाथ से सलवार के ऊपर से ही उसकी बुर रगड़ रहा था। अब उसने मेरी पैंट की चेन खोलकर मेरे लंड को अंडरवियर से बाहर करके खेलने लगी। वो मेरे लंड को जोर-जोर से मसल रही थी। वो बदबदा रही थी “या अल्लाह लंड रखते हो या मूसल जिसके बुर में जाता होगा वो तो पानी मांगने लगता होगा…. कितनों को चोदा आज तक सच-सच बताओ मेरे सरताज इस 10 इंच के लौड़े से”फिर उसने अपनी चुचियों को मेरे मुँह से निकाला और जमीन पर बैठकर मेरे लंड को चूसने लगी। केवल 50% लंड ही उसके मुँह में जा रहा था… बाकी को वो किनारे से आइसक्रीम की तरह दाँत से काट-काटकर चाट रही थी। मैंने उसके मुँह में जोर का धक्का दिया तो वो खाँसने लगी और बोली “अल्लाह के लिए रहम कर पूरा नहीं जा पाएगा आधा ही मेरी हलक तक पहुँच जा रहा है….”फिर मैंने कहा जान अब मुझे तुम्हें चोदने का मन कर रहा है तो वो बोली “मेरे सरताज मन तो मुझे भी कर रहा है पर यहाँ जगह कहाँ है?” फिर मैंने कहा नीचे से अपने बुर्के को उठाकर अपने हाथ में पकड़कर वॉश बेसिन को पकड़कर झुककर खड़ी हो जाओ बाकी मैं कर लूँगा. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.और वो सलवार का नाड़ा खोलकर बुर्के को हाथ में पकड़कर झुककर खड़ी हो गई। फिर मैंने उसकी ब्राउन पैंटी (जो पहले ही आधी भीग चुकी थी) उतारकर नीचे बैठकर उसके बूर को चूसने लगा और उसपर अच्छी तरह जीभ रगड़ने लगा तो वो घुमा-घुमा कर अपने बूर को और जोर से रगड़ने लगी.इसे भी पढ़े – आंटी के जिस्म पर प्यार की निशानी छोड़ीऔर सिसकिया कर बोलने लगी “आह्ह बहुत मजा आ रहा है मेरे राजा बस इसी तरह रगड़ते रहो जीभ को भी
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