दोस्तों बढ़ती उम्र के साथ ❤️विवाह के लिए घर वालों का दबाव शुरू होने लगता है। आजकल के माहौल और रिश्तों को देखते हुए ज्यादातर लोग विवाह करने में उत्सुक नहीं रहे लेकीन, उनके दिमाग में तरह तरह के डर डाले जाते है की शादी नहीं करोगे तो ऐसा हो जाएगा। कर लोगे तो वैसा हो जाएगा। चलिए आज बिना डरे शादी के कुछ जरुरी हिस्सो को देखते है, मुझे यक़ीन है की इस पोस्ट के बाद आपको एक सही निर्णय लेने में आसानी होगी।
ऐसे लोगों को शादी नहीं करनी चाहिए ➡️यदि आपको अकेले रहना और लोगों से कम बात करना पसंद है। यदि आपका स्वभाव आध्यात्मिक है। यदि आपकी ज़िंदगी का कोई बहुत बड़ा लक्ष्य है। यदि आप सोचते है की मुझे स्वामी विवेकानंद, अब्दुल कलाम, मीराबाई या ऐसे ही महान लोगों की तरह बनना है या मुझे ईश्वर की प्राप्ति करनी है और मैं अकेले खुश रह सकता हूँ। बुढ़ापे में अपने माँ बाप की और खुद की सारी जरुरतें पूरी कर सकता हूँ। और अपने अंत समय में अकेला खुशी और चैन से मर सकता हूँ। यदि आपको अंदर से महसूस होता है की मैं शादी के लिए बना ही नहीं हूँ। तो आप विवाह मत कीजिए। लेकीन सोचने मात्र से विवेकानंद नहीं बना जा सकता। यदि आप ईमानदार है तो खुद से सच सच बात करें।
ऐसे लोगों को शादी करनी ही चाहिए➡️ यदि आपको अकेले रहने में डर लगता है। यदि आपको ज्यादा लोगों और बड़े परिवार में घुल मिल कर रहना पसंद है। यदि आप थोड़े भी आध्यात्मिक नहीं है। यदि आपके जीवन का कोई बहुत बड़ा लक्ष्य नहीं है। तो आप विवाह जरूर कीजिए। घूमने फिरने, मौज मस्ती करने और परिवार के साथ ज्यादा रहने वाले लोग, विवाह में सफल हो और खुश रह सकते है। लेकीन ये फ़ैसला थोड़ा सोच समझ कर ही लीजिए।
दोस्तों बहुत से ऐसे लोग भी होंगे जो प्रेम में ठुकरा दिए गए होंगे और उनका अब किसी और के साथ विवाह करने का मन नहीं होगा। ऐसे लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए एक बात कहूँगा- ऐसे लोग प्रेम की आड़ में खुद को, ज़िम्मेदारी लेने से बचाना चाहते है। ऐसे लोग विवाह से बचते है और ये कह कर काम से भी बचते है की- अब किसके लिए कमाया जाए या अब जीवन में कुछ पा कर भी क्या मिलेगा। ऐसे लोग अंत में निश्चित रूप से बर्बाद हो जाते है।
यदि तुम्हारा लक्ष्य बड़ा है और बिना विवाह खुश रह सकते हो तो अपनी सारी ऊर्जा अपने लक्ष्य में लगा दो क्योंकि जितना बड़ा लक्ष्य होगा उतनी बड़ी ऊर्जा चाहिए। मैं शादी नहीं करना चाहता या नहीं चाहती तुम्हारे ऐसा बोलने से कुछ नहीं होने वाला। कामचोरी और ज़िम्मेदारी से बचना बंद करो। तुम्हारे पास मात्र 2 ही ऑप्शन है- (1). या तो पूरी तरह मन लगा कर शादीशुदा जीवन में कूद पड़ो। (2). या फिर पूरी ऊर्जा लगा कर अपने महान लक्ष्य का पीछा करो। इन दोनों में से एक भी ऑप्शन ना चुनने वाले और बचने वाले लोग शुद्ध काम चोर है।
एक बार किसी ने ओशो से पूछा- शादी करके दुःख मिलेगा या सुख? ओशो ने खूबसूरत जवाब दिया➡️ शादी करोगे तब भी दुःख मिलेगा, नहीं करोगे तो भी मिलेगा। जब तक तुम ज़िंदगी के किसी अटूट संकल्प तक नहीं पहुँच जाते तब तक तुम्हें जीवन की हर परिस्थिति दुःख देगी। इसलिए ईमानदारी से अपना निर्णय करो यदि जीवन में कोई अटूट संकल्प है तो शादी मत करो और यदि नहीं है तो समय और ऊर्जा रहते कर लो।
एक और बात-हर किसी का स्वभाव और पर्सनालिटी अलग होती है। हर व्यक्ति शादी के लिए नहीं बना होता । कई लोगों का व्यवहार बिल्कुल लडाई करने वाला और बुरा होता है, ऐसे लोग चाह कर भी किसी के साथ अर्जेस्ट नहीं कर पाते, ऐसे लोग अपने साथ साथ सामने वाले के जीवन को भी नरक बना देते है। यदि आपका स्वभाव ऐसा है या आपको शारिरिक किसी चीज़ की कमी है तो आपको किसी दूसरे का जीवन बर्बाद करने का कोई हक नहीं।
इस पोस्ट का सार➡️ विवाह का निर्णय अपने स्वभाव और लक्ष्य को देखते हुए ही लीजिए, किसी दूसरे की मत सुनिये। दोस्तों इतनी बड़ी पोस्ट बेहद कम लोग ही पढ़ेंगे 🩷यदि आपने पूरी पोस्ट पढ़ी होगी और आपको अपने सवाल का सटीक जवाब मिला होगा तो कमेंट में ❤️ जरुर भेजे। आपके कमेंट से ही मुझे पता चलेगा की कितने लोगों की मदद हुई।
एक और बात➡️यदि हमारी इस पोस्ट ने आपके दिल के किसी हिस्से को छुआ होगा तो इसे लाइक करना आपकी ज़िम्मेदारी बनती है। दोस्तों इस पोस्ट को शेयर जरुर करना आपके एक शेयर से किसी की मदद हो सकती है. पूरी पोस्ट इतने प्रेम से पढने के लिए आपका धन्यवाद :)
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